Judiciary Hindi-12

 प्रश्‍न 21- ‘श’ व्‍यंजन का उच्‍चारण स्‍थान कौन सा है।

उत्‍तर – तालु ।

प्रश्‍न 22- ‘व’ वर्ण का उच्‍चारण स्‍थान कौन सा है ।

उत्‍तर – दन्‍त + ओष्‍ठ ।

प्रश्‍न 23- ‘ड.’ का उच्‍चारण स्‍थान क्‍या है।

उत्‍तर – कण्‍ठ ।

प्रश्‍न 24- ‘क’ वर्ण उच्‍चारण की दृष्टि से क्‍या है।

उत्‍तर – कंठ्य ।

प्रश्‍न 25- वर्ग के द्वितीय व चतुर्थ व्‍यंजन क्‍या कहलाते है।

उत्‍तर – महाप्राण ।


कंठव्य वर्ण: कंठ से उच्चारित होने वाले वर्ण "कंठव्य वर्ण" कहलाते हैं। ये निम्न हैं- क, ख, ग, घ । इसका संस्कृत सूत्र "अकुहविसर्जनीयानां कण्ठः" हैं।


तालव्य वर्ण: तालु की मदत से होनेवाले उच्चार "तालव्य वर्ण" कहलाते हैं। ये निम्न हैं- च, छ, ज, झ। इसका संस्कृत सूत्र "इचुयशानां तालु" हैं।


मूर्धन्य वर्ण: मूर्धा से (कंठ के थोडे उपर का स्थान) होने वाले उच्चारन् "मूर्धन्य वर्ण" हैं। ये निम्न हैं- ट, ठ, ड, ढ, ण इसका संस्कृत सूत्र "ऋटुरषाणां मूर्धा" हैं।


दंतव्य वर्ण: दांत की मदत से बोले जानेवाले वर्ण "दंतव्य वर्ण" हैं। ये निम्न हैं- त, थ, द, ध, न; औ इसका संस्कृत सूत्र "लृतुलसानां दन्ताः" हैं।


ओष्ठव्य वर्ण: होठों से बोले जाने वाले वर्ण "ओष्ठव्य वर्ण" कहे जाते हैं। ये निम्न हैं- प, फ, ब, भ, म इसका संस्कृत सूत्र "उपूपध्मानीयानामोष्ठौ" हैं।


नासिक्य वर्ण: नाक की मदद से बोले जाने वाले वर्ण "नासिक्य वर्ण" कहे जाते हैं- अं, ड्, ञ, ण, न्, म् । इसका संस्कृत सूत्र "ञमङणनानां नासिका च (नासिकानुस्वारस्य)" हैं।

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